

अब प्रान्ति इंडिया हिन्दी साहित्य का एक उदयमान तारा है, जो नई पीढ़ी की आवाज़ को आकार दे रहा है। यह मासिक पत्रिका होकर भी नित्य नए साहित्यिक प्रयास करने को उत्सुक है, जो इसकी गतिशीलता और नवाचार की भावना को दर्शाता है। प्रान्ति इंडिया की यह यात्रा एक साधारण से शुरुआत से लेकर एक प्रमुख साहित्यिक पत्रिका तक की है, जो इसकी प्रतिबद्धता और साहित्य के प्रति समर्पण को दर्शाती है। यह पत्रिका न केवल नए लेखकों को प्रोत्साहित करने का काम करती है, बल्कि साहित्यिक विचारों और रचनाओं को भी प्रोत्साहित करती है। प्रान्ति इंडिया की बृहद कार्यकारिणी ने हिन्दी साहित्य में अपनी कालजयी रचनाओं का लोहा मनवाया है, जो इसकी संगठनात्मक शक्ति का प्रमाण है। यह संगठन हिन्दी साहित्य को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। आज इस कार्यकारिणी में पीएच.डी., एम.ए., बी.एड. इत्यादि डिग्रीधारी विशेषज्ञ शामिल हैं, जो अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं। ये विशेषज्ञ अपने ज्ञान, अनुभव और प्रयासों को आपके साथ बांटने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि आप सटीक और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त कर सकें। इन विशेषज्ञों की विशेषज्ञता और अनुभव के कारण, प्रान्ति इंडिया की कार्यकारिणी हिन्दी साहित्य में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री प्रदान करने में सक्षम है। यह संगठन न केवल नए लेखकों को प्रोत्साहित करने का काम करता है, बल्कि साहित्यिक विचारों और रचनाओं को भी प्रोत्साहित करता है। प्रान्ति इंडिया की कार्यकारिणी द्वारा प्रदत्त आँकड़ों एवं तथ्यों को विभिन्न मानक एवं प्रामाणिक स्त्रोतों का उपयोग कर तैयार किया जाता है, जिससे उनकी विश्वसनीयता और सटीकता सुनिश्चित हो सके। यह प्रान्ति इंडिया की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वह अपने पाठकों को उच्च गुणवत्ता वाली जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप, प्रान्ति इंडिया की कार्यकारिणी द्वारा प्रदत्त जानकारी पाठकों के लिए विश्वसनीय और मूल्यवान साबित होती है। यह प्रान्ति इंडिया को हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में एक प्रमुख और विश्वसनीय स्रोत के रूप में स्थापित करता है।
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